
अर्जुन उसकी छाती से सिर पीछे तीर कर देखा, वह उसे बड़े हैरानी अविश्वास से बड़ी आँखे कर देख रही थी,,चिंता की लकीर झलक रही थी,,
“ आपको चोट लगी है …” वह बुदबूदाई … लेकिन दिल में दर्द हुआ, जैसे चोट उसके शरीर पर लगा हो,,उसे महसूस कर सकती थी,, बहुत अच्छी तरह से,,



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