
“ क्या हो रहा है यहाँ …” तभी उन सभी के कानो में अर्जुन की बुलंद दहाड़ गुंजी …किसी शेर की तरह, ठाकुर हवेली की ऊँची मजबूत दीवार उसके आवाज से गूंजने लगे,,
अचानक हुए हमले से सभी अपनी जगह पर चौक गये,, उनके डरने से चाय झलका की उनके होंठ जल गए तो सरिता को थसका लगा,, वो खाँसते हुए चाय को सामने टेबल पर रखी ,, गोमती उसकी देवरानी, और उसके पति, जिससे सरिता का गैर संबंध था,, जो ज्यादातर रात के कमरे बिस्तर पर साथ होते थे,, उनके घिनौनी रिश्ते के बारे में गोमती भी नहीं जानती थी,, उसे इतना पता था कि उसका पति एक औरत बाज,,, दूसरे की औरत पर नजर रखने वाला है लेकिन यह नहीं जानती थी कि अपने घर में अपनी भाभी के साथ सोता है,,



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