
अर्जुन बिना चेतवानी के उसके अंदर बेरहम तरीके से घुस गया, कुछ इस तरह की कमरे से बाहर भी आवाज चली गयी,,दीवारों को चिर दिए उसके चीखे,, उसके शरीर से आत्मा निकाल दिया, उसके आंगो के दिवार को चिर दिए,
उसका धक्का बहुत ही जोर का, अचानक, अप्रत्याशित था … लेकिन बिल्कुल सोचा समझा हरकत था, जिसे सिर्फ अर्जुन जानता था, वह जानता था उसे कैसे सजा देना है, जब वो अपने बचपना में उसके आदेश को अनसुना करती है, उसे महत्व नहीं देती,



Write a comment ...