पारो जैसे ही अन्दर गई तो देख कर उसकी आँखें बड़ी हो गई, इतना बड़ा कमरा नहाने के लिए भी होगा, इतना तो उसके और उसकी माँ के रहने के लिए एक कमरा उसकी चाची दी थी। लेकिन यहां तो बस नहाने के लिए था ।
अपने ससुराल के अमीरी और सब कुछ उसके सोच से अलग देख उसे यकीन हो चला था कि उसकी शादी सबसे अमीर घर में हुई है, जहां नहाने के लिए भी सुविधा है। और उसको यहां आते के साथ ठाकुराइन भी बुलाने लगे मतलब उसका भी ओहदा सबसे बड़ा था जो यहां पर सभी कोई उसे इज्जत देकर बात किए थे। उसके मायके में तो उसकी इज्जत ही नहीं थी, वहां के लिए इतनी गैल गुजर थी कि कोई नजर भी उठाना हीन समझता था।
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